Tuesday, November 18, 2014

क्रोधो मूलमनर्थानां  क्रोधः संसारबन्धनम्। धर्मक्षयकरः क्रोधः तस्मात् क्रोधं विवर्जयेत्॥ Hindi Translation क्रोध समस्त विपत्तियों का मूल कारण है, क्रोध संसार बंधन का कारण है, क्रोध धर्म का नाश करने वाला है,  इसलिए क्रोध को त्याग दें।

!! सत्य मेरी माता है, ज्ञान मेरा पिता !! ! Truth is my mother, Knowledge is father ! ..... सत्यं माता पिता ज्ञानं धर्मो भ्राता दया सखा ! शांतिः पत्नी छमा पुत्रः खड़ेते मम बान्धवाः !! ..... सत्य मेरी माता है ज्ञान हैं पिता धर्म मेरा भाई है . मित्र है दया ! शांति है पत्नी पुत्र है क्षमा !! ये छ: मेरे बांधव हैं !!